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शाकाहार या मॉसाहार भले ही आज बहस का एक संवेदशील मुद्दा बन गया हो लेकिन इस बहस से दूर विश्व शाकाहार दिवस पर विशे्षज्ञो ने शाकाहारी भोजन को स्वास्थ्य के लिये लाभदायक बताते हुए इसके फायदे गिनाये है तथा कहा है कि शाकाहारी भोजन स्वास्थ्य के लिये बेजोड़ है.

जाने माने स्नायु रोग विशेषज्ञ भारतीय प्राणी कल्याण समिति के संस्थापक डॉ डी सी जैन ने विश्व शाकाहार दिवस पर राजधानी मे आयोजित कार्यक्रम मे कहा कि हमारे देश में पोलियो, चेचक जैसी बड़ी बीमारिया अब धीरे धीरे खत्म हो रही है, लेकिन बढ़ते मांसाहार के प्रयोग से अन्य तरह की बीमारिया अब उत्पन्न होने लगी है, जैसे आजकल भूल जाने की बीमारी छोटे से लेकर बड़े उम्र के लोगो में बढ़ रही है,शाकाहारी भोजन ऐसी समस्याओ से बचाता है, उन्होने कहा कि दरसल शाकाहार या मॉसा्हार भोजन को धर्म या जीवन शैली से जोड़ना सही नही है. शाकाहारी भोजन विशुद्ध रूप से स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है, साथ ही उन्होंने शाकाहार पर जोर देते हुए एक सन्देश भी दिया 'स्वस्थ जीवन का आधार शाकाहार'। शाकाहार न/न केवल दीर्घायु देता है बल्कि इससे हमे क्वालिटी लाईफ भी मिलती है यानि बीमारियो की जकड़ मे कम् से कम आने का अंदेशा.समारोह मे बड़ी तादाद मे विशेषज्ञो ने शाकाहार के फायदो पर अपने विचार रखे. गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी इस आयोजन मे हिस्सा लेने वाले थे लेकिन एक अन्य कार्यक्रम मे व्यस्त होने की वजह से वे कार्यक्रम मे हिस्सा नही ले पाये, डॉ जैन पिछले तीन दशको से स्वास्थय के लिये शाकाहार को लेकर देश विदेश मे जन आंदोलन चला रहे है'

कार्यक्रम के दौरान अनेक जाने माने डाक्टरों ने शाकाहार पर अपने विचार साझा करते हुए बताया कि शरीर में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाने के लिए मांस से युक्त प्रोटीन का इस्तेमाल काम करना चाहिए, उसके स्थान पर अधिक से अधिक मात्रा में ताजा दूध और दालों जैसे प्राकृतिक रूप के प्रोटीन का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ उन्होंने बताया कि क्रोनिक किडनी जैसी गंभीर बीमारी में मांस से मिलने वाले प्रोटीन का सेवन कम करना चाहिए, बल्कि उसके स्थान पर दूध और दालों का सेवन अधिक मात्र में करना चाहिए। सच में यह कहा जाये, तो बिल्कुल गलत नहीं होगा, कि व्यक्ति का शरीर केवल शाकाहार भोजन खाने के लिए बना है. शाकाहार में शरीर के लिए जरूरी आयरन, प्रोटीन, फैट्स, विटामिन्स आदि होते हैं. लेकिन एक ऐसी धारणा बन गई है जिससे यह लगता है कि मॉसाहार में प्रोटीन ज्यादा होता है, इसलिए यह भोजन खाना चाहिए, लेकिन यह सही नहीं है. शाकाहार के सेवन से भी प्रोटीन की जरूरत को पूरा किया जा सकता है. शाकाहार इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि यह आसानी से पच जाता है, जिसके कारण मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियां नहीं होती हैं.

चिकित्सको के अनुसार शोध भी बताते है कि शाकाहारी भोजन में रेशे यानी फाइबर बहुतायत में पाये जाते हैं. इसमें विटामिन व लवणों की मात्र भी अपेक्षाकृत ज्यादा होती है. शाकाहारी भोजन में पानी की मात्रा भी ज्यादा होती है, जिससे मोटापा कम होता है. मांसाहार की तुलना में शाकाहारी भोजन में संतृप्त वसा व कोलेस्ट्रॉल की मात्र कम होती है, जिससे यह हृदय रोगों की आशंका को कम करता है. अनाज, फली, फल व सब्जियों में रेशे व एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा होते हैं, जो कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को दूर रखने में सहायक होते हैं. टाइप-2 डायबिटीज मे विशेष तौर पर शाकाहार भोजन ्बहुत फायदेमंद होती है, इसमें फाइबर होते हैं, जो शरीर में इंसुलिन का प्रबंधन करने में मदद करते हैं. सब्जियों व कम मसालों के सेवन से ब्लड शूगर नियंत्रित रहता है. इससे डायबिटीज जैसी बीमारी होने की आशंका कम रहती है. शोध से पता चला है कि इससे रक्त चाप, दिल की बीमारियो और मोटापे जैसी बीमारियो से ही नही कैसर जैसी बीमारियो से एक हद तक बचाव हो्ता है.

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