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vijendra

भारतीय स्टार पेशेवर मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने हंगरी के अपने प्रतिद्वंद्वी एलेक्जेंडर होरवाथ के बयान पर करारा पलटवार किया है। अपने तीनों पेशेवर मुकाबले जीतकर 'अपराजेय' चल रहे विजेंदर ने मंगलवार को कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनका विपक्षी खिलाड़ी क्या खाता-पीता है क्योंकि वे अपने मुक्केबाजी कॅरियर की शुरुआत से ही देसी घी खाते रहे हैं। फैसला तो जुबानी जंग से नहीं, रिंग में होगा। दरअसल, सोमवार को हंगरी केे मुक्केबाज एलेक्जेंडर होरवाथ ने यह दावा किया था कि वे विजेंदर से मुकाबले की तैयारी सांप का खून पीकर कर रहे हैं। और तो और, 20 वर्षीय प्रो-बॉक्सर होरवाथ ने विजेंदर को ललकारते हुए कहा था, 'मेरी नसों में सांपों का खून दौड़ रहा है और ऐसे में हो ही नहीं सकता कि यह भारतीय मुक्केबाज मुझे हरा सके।' 

विजेंदर का चौथा प्रो-बॉक्सिंग मुकाबला इस सुपर मिडलवेट मुक्केबाज से 12 मार्च को लिवरपूल एरेना में होना है। बीजिंग आेलिंपिक पदक विजेता विजेंदर ने अपनी तैयारी के बार में कहा,'मेरी फाइट एक महीने के लिए स्थगित हुई अौर इस वजह से मुझे तैयारी और अभ्यास के लिए ज्यादा समय मिला है। मैं अपने विपक्षी के मुकाबलों की वीडियाे देख रहा हूं। मैं उसे शनिवार को रिंग में देखूंगा।' 30 वर्षीय विजेंदर ने कहा,'मैंने मीडिया रिपोर्टों में पढ़ा है कि होरवाथ सांपों का खून पी रहे हैं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैंने अपने कॅरियर के शुरुआत से ही देसी घी खाया है और मैं रिंग में इसका जवाब दूंगा।'

होरवाथ ने अपने कॅरियर में सात में से पांच मुकाबले जीते हैं। लेकिन सच्चाई तो यह है कि होरवाथ अकेले नहीं हैं जो यह अजीब 'डाइट' की मदद ले रहे हैं। दुनिया में सबसे कठिन माने जाने वाले यूएस मरींस (अमेरिकी सोल्जर) भी कोबरा सांप का खून पीने के लिए जाने जाते हैं। जंगलों में दी जाने वाली ट्रेनिंग के दौरान ये सैनिक कोबरा का खून पी जाते हैं।

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