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चीन में मांस की खपत 50 प्रतिशत कम करने की उस देश की योजना का उल्लेख करते हुए पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन पेटा ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि भारत में जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए इस तरह के कदम उठाये जाएं.


पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) ने कहा कि वे मोदी के चुनाव अभियान में ‘पिंक रिवॉल्यूशन’ का मुद्दा उठने से प्रसन्न हुए और गायों को बचाने के उनके विचारों को सराहा. पेटा ने कहा कि मांस की खपत कम करने से पशुओं की जान बचाई जा सकेगी, दिल की बीमारियों को और कुछ प्रकार के कैंसर के मामलों को कम किया जा सकेगा और साथ ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से बचने में मदद मिलेगी. पेटा इंडिया की सीईओ पूर्वा जोशीपुरा ने प्रधानमंत्री को भेजे अपने पत्र में लिखा कि चीन की सरकार ने अपने नागरिकों के मांस उपभोग को 50 प्रतिशत तक कम करने की योजना बनाई है. उन्होंने कहा, ‘‘अगर इस योजना पर अमल किया गया तो चीन के पशुधन उद्योग से कार्बन डाईऑक्साइड के समतुल्य उत्सर्जन में 2030 तक एक अरब टन तक की कमी आएगी, जबकि उस साल में यह पूर्वानुमान 1.8 अरब टन का है.’’ पत्र में लिखा गया है, ‘‘हम आपसे यह अनुरोध करने के लिए पत्र लिख रहे हैं कि सरकार की पहल के रूप में और महत्वपूर्ण लक्ष्य तय करने के लिए भारत की जनता में शाकाहारी भोजन को बढ़ावा देकर हमारे पड़ोसी देश की तर्ज पर चला जाए.’’ जोशीपुरा ने लिखा, ‘‘पेटा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध कर रहा है कि जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के क्रम में शाकाहारी भोजन के विकास और बिक्री को बढ़ावा देने तथा शाकाहार के पक्ष में सरकारी स्वास्थ्य सिफारिशें जारी करने जैसे ठोस कदम उठाए जाएं.’’

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