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शाकाहार : उत्तम आहार

एक प्रेस समाचार के अनुसार अमरीका में डेढ़ करोड़ व्यक्ति शाकाहारी हैं। दस वर्ष पूर्व नीदरलैंड की ''१.५% आबादी'' शाकाहारी थी जबकि वर्तमान में वहाँ ''५%'' व्यक्ति शाकाहारी हैं। सुप्रसिद्ध गैलप मतगणना के अनुसार इंग्लैंड में प्रति सप्ताह ''३००० व्यक्ति'' शाकाहारी बन रहे हैं। वहाँ अब ''२५ लाख'' से अधिक व्यक्ति शाकाहारी हैं। सुप्रसिद्ध गायक माइकेल जैकसन एवं मैडोना पहले से ही शाकाहारी हो चुके हैं। अब विश्व की सुप्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा ने भी 'शाकाहार' व्रत धारण कर लिया है। बुद्धिजीवी…

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ख़राब नहीं है शाकाहारी होना

काफी समय से इस बात पर बहस होती है की शाकाहारी होना अच्छा है या फिर मांसाहारी। आजकल अमेरिका जैसे देश में भी लोग शाकाहार को अपना रहे हैं क्यूंकि उन्हें इसके फायदों के बारे में जानकारी मिल गयी है. शाकाहारी होने से शरीर में कोई कमी नहीं होती और इस मिथक को तोड़ने के लिए ही हम आपको शाकाहार के फायदों के बारे में जानकारी दे रहे हैं. शाकाहार में पेड़ पौधों से प्राप्त भोजन शामिल होता है। इसमें अनाज, दाल, फल, सब्जी आदि शामिल होते हैं। दूध या दूध से बने आहार जैसे दही, घी, पनीर आदि भी शाकाहार ही होता है।…

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गाय और गोमांस की राजनीति

हिंदुत्व की राजनीति ने अब तक जितना सफर तय किया है, उसमें गाय और गोमांस की राजनीति ने अहम भूमिका निभाई है. मोदी ने अपनी ‘हिंदू हृदय सम्राट’ की छवि बनाने के लिए ‘गाय और गोमांस की राजनीति’ का सुविधाजनक ढंग से प्रयोग किया है.…

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मनुष्य मांस क्यों खाए?

सारी दुनिया में भारत ही ऐसा एकमात्र देश है, जिसमें करोड़ों शाकाहारी लोग रहते हैं। ये शाकाहारी लोग मांस, मछली, अंडा वगैरह नहीं खाते। वे मांसाहार नहीं करने को अपने धर्म का हिस्सा मानते हैं लेकिन अमेरिकी और यूरोपीय लोगों के मांसाहार में कोई धार्मिक बाधा नहीं है। दुनिया के मुस्लिम और बौद्ध देशों में भी मांसाहार पर कोई धार्मिक पाबंदी नहीं है। लेकिन आजकल अनेक यूरोपीय देशों और अमेरिका में लोग मांसाहार छोड़ रहे हैं, क्योंकि इन देशों की वैज्ञानिक संस्थाएं यह सिद्ध कर रही हैं कि मांसाहार मनुष्यों के शरीर के लिए हानिकारक है। वह स्वास्थ्य तो खराब करता ही है, उससे आर्थिक नुकसान भी होता है और वह पर्यावरण को हानि भी पहुंचाता है।…

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शाकाहार को बढ़ावा देने का अभियान भी चलाए सरकार

यह एक सर्व विदित गौरवपूर्ण तथ्य है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी निष्ठावान शुद्ध शाकाहारी हैं। वे मद्यपान और धूम्रपान जैसे व्यसनों से भी कोसों दूर रहते हैं। यूँ तो स्वतंत्र भारत को अनेक शाकाहारी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रभावशाली नेता मिले हैं तथा भारत जैसे ऋषिप्रधान देश में ऐसा अवश्य ही होना चाहिए, लेकिन इस मामले में मोदी जी की बात उत्साहवद्र्धक और अभिनंदनीय है। प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देश की जनता शाकाहारी जीवन शैली की महत्ता को समझे और शाकाहार अपनाए। प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अनेक मुद्दों पर सकारात्मक एवं साहसिक निर्णय लिए हैं। तथा ले रहे हैं। प्रसन्नता की बात है कि उनके निण्रयों में शाकाहार जैसा महत्वपूर्ण विषय भी समाविष्ट है। शासक द्वारा सरकारी स्तर पर शाकाहार का मुक्त समर्थन और प्रोत्साहन सार्वजनिक जीवन में अहिंसा व शुचिता का एक अहं हिस्सा है।…

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